भूल गये थे कि वक़्त नाराज़ चल रहा है, आजकल अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है. वो जानता है उसके सामने मेरा वजूद कुछ नहीं फिर भी ख़फ़ा है.
तभी एक झटका लगा दिल को , सपने टूट गये थे. एक क्षण में वक़्त ने मेरी औक़ात बता दी. टूटे सपने आँखों से आँसू बनके निकल रहे थे. अब तो हवा भी खिसक ली थी.
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